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Description:
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झारंखड के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी सोमवार को करीब 14 साल बाद फिर से बीजेपी के हो गए. झारखंड में एक अदद आदिवासी चेहरे की तलाश कर रही बीजेपी को मरांडी के घर वापसी से कितना फायदा होगा, ये तो वक्त ही बताएगा लेकिन बाबूलाल मरांडी के रूप में बीजेपी को ऐसा नेता जरूर मिल गया है जिसकी जड़ें संघ से जुड़ी हैं और जो झारखंड की राजनीति का जाना-माना नाम है. क्या मरांडी के पास कोई और विकल्प बचा भी था या दोनों को एक-दूसरे की जरुरत थी? सुनिए हमारे इस विशेष पॉडकास्ट में इंडिया टुडे हिंदी के विशेष संवादाता मनजीत ठाकुर से - |