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Description:
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RBI इंटर्नल वर्किंग ग्रुप की एक रिपोर्ट आई है जिससे देश में नए निजी बैंक खुलने का रास्ता साफ होता दिख रहा है. अगर सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही बड़े कॉर्पोरेट घराने आपको बैंकिंग सेक्टर में भी नज़र आएंगे. मतलब बड़े उद्योगपतियों का अब अपना बैंक भी होगा. तो इस बदलाव का मौजूदा बैंकिंग व्यवस्था पर क्या असर होगा? लोन और इससे जुड़ी लॉबिंग की समस्या का क्या होगा? पॉड ख़ास में इसी विषय पर सुनिए, आर्थिक मामलों को बारीकी से समझने वाले इंडिया टुडे हिंदी पत्रिका के एडिटर अंशुमान तिवारी से रितु राज की बातचीत. |