Search

Home > Listen with Irfan > Mangalesh Dabral | Speaking on the Hindi Poetry of 1960-1985
Podcast: Listen with Irfan
Episode:

Mangalesh Dabral | Speaking on the Hindi Poetry of 1960-1985

Category: Arts
Duration: 00:26:31
Publish Date: 2022-09-02 19:56:35
Description:

पागलपन एक व्यापक समाज की एक सामूहिक अवस्थिति है जो अचानक इतिहास और समय के किसी बिंदु पर किसी एक व्यक्ति में केंद्रीभूत और उसके माध्यम से अभिव्यक्त हो जाती है। क्या इसी तर्ज पर हम यह मान सकते हैं कि ग्लानि का बोध या जो काम करने चाहिए थे उन्हें न कर पाने का एहसास भी एक सामूहिक भाव है जो कभी किसी एक जीवित या अजीवित इकाई में व्यक्त हो सकता है। अगर ऐसा है तो गजानन माधव मुक्तिबोध की कविता 'अँधेरे में' इसी ग्लानिबोध की कविता है। 

1960 से 1985 तक की कविता पर हिंदी के कवि संपादक मंगलेश डबराल का व्याख्यान। नई दिल्ली, 2012 

Produced and Curated by Irfan

Cover Image Courtesy: Siraj Saxena

Cover Art: Irfan

--- Send in a voice message: https://anchor.fm/sm-irfan/message
Total Play: 0